ज्योलिकोट में जल जनित रोगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर
नैनीताल: ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर स्वास्थ्य टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में जाकर लोगों की जांच कर रही हैं। घर-घर सर्वे के साथ स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने बुधवार को ज्योलिकोट क्षेत्र में 94 घरों का भ्रमण कर 113 लोगों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की। इस दौरान लोगों को ओआरएस, जिंक और क्लोरीन की गोलियां वितरित की गईं। साथ ही 90 लोगों के ब्लड सैंपल जांच के लिए लिए गए।
विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में आशाओं और स्वास्थ्य टीमों के माध्यम से 3,900 क्लोरीन टैबलेट भी वितरित की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग का फोकस बीमारी की रोकथाम के साथ-साथ संभावित मरीजों की समय पर पहचान पर है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांजा, वीरभट्टी, बेलवाखान, सरियाताल, ज्योलिकोट, भल्यूटी और चोपड़ा में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। शिविरों में लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई और जरूरत के अनुसार दवाएं तथा स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में भी स्वास्थ्य जांच का काम जारी है। बुधवार को यहां 98 लोगों की जांच की गई, जिनमें आवश्यकता के अनुसार 7 लोगों को भर्ती किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट को सुदृढ़ किया है। रोस्टर के अनुसार यहां प्रतिदिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 10 सितंबर को सेंट्रल हॉस्पिटल हल्द्वानी के डॉ. हर्षित जोशी (फिजिशियन) और डॉ. सोनाली पांडे (गैस्ट्रोलॉजिस्ट) प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में ओपीडी सेवाएं देंगे। स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र के लोगों से विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।
विभाग के अनुसार जिन मरीजों को उच्च चिकित्सा सुविधा की जरूरत होगी, उन्हें बेस अस्पताल हल्द्वानी, बीडी पांडे जिला चिकित्सालय नैनीताल और सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय रेफर किया जाएगा।
अस्पताल में भर्ती कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। वहीं निजी अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ने पर आयुष्मान कार्ड और आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार दिलाने में भी विभाग सहयोग करेगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ज्योलिकोट क्षेत्र में निगरानी और जांच की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

