देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने अगले 2 से 3 दिनों में राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक देहरादून, हरिद्वार, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल में अगले दो दिनों के दौरान कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़कें बंद होने और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रह सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के आंकड़ों के अनुसार, 14 सितंबर की सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटे में बागेश्वर में 25.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। देहरादून में 22.7, अल्मोड़ा में 20.4, पिथौरागढ़ में 14.2 और रुद्रप्रयाग में 13 मिलीमीटर बारिश हुई।
पौड़ी में 9.7, हरिद्वार में 7.3, टिहरी में 6.5, चमोली और नैनीताल में 4.9-4.9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। चंपावत में 0.9, उत्तरकाशी में 1.9 और ऊधमसिंह नगर में बारिश दर्ज नहीं हुई। राज्य में पिछले 24 घंटे की औसत बारिश 9.1 मिलीमीटर रही, जबकि सामान्य औसत 6.3 मिलीमीटर है। यानी इस अवधि में राज्य स्तर पर बारिश सामान्य से करीब 45 फीसदी अधिक रही।
1 जून से 14 सितंबर तक उत्तराखंड में कुल 1146.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य बारिश 1096.5 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। इस तरह पूरे राज्य में मानसूनी बारिश सामान्य से करीब 5 फीसदी अधिक रही।
जिलेवार आंकड़ों में सबसे बड़ा अंतर बागेश्वर में दिखाई दिया। यहां 1962.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से 166 फीसदी ज्यादा है। चमोली में सामान्य से 70 फीसदी, टिहरी में 31 फीसदी और अल्मोड़ा में 29 फीसदी ज्यादा बारिश हुई।
इसके उलट पौड़ी में सामान्य से 44 फीसदी कम, चंपावत में 25 फीसदी, नैनीताल में 19 फीसदी और उत्तरकाशी में 13 फीसदी कम बारिश हुई। रुद्रप्रयाग में भी बारिश सामान्य से 8 फीसदी कम रही। अगले दो से तीन दिनों में बारिश का दौर तेज होने पर पर्वतीय क्षेत्रों में पहले से संवेदनशील सड़कें और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र परेशानी बढ़ा सकते हैं। बरसाती नालों और नदियों का जलस्तर भी बढ़ सकता है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए चारधाम यात्रा और पर्वतीय क्षेत्रों में आवाजाही करने वाले लोगों को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत होगी। तेज बारिश की स्थिति में सड़क मार्ग के साथ हवाई सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सीएस तोमर के मुताबिक, आने वाले दिनों में राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बारिश का प्रभाव देखने को मिलेगा और कई जगह तेज बारिश हो सकती है।

