नैनीताल: कोतवाली मल्लीताल में दर्ज यौन शोषण मामले में पुलिस ने आरोपी नरेश पांडे के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने उसके साथ घूम रहे बाउंसरों और निजी गनरों का सत्यापन करने के साथ ही हथियारों की जांच कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार 14 मई 2026 को एक महिला ने कोतवाली मल्लीताल पहुंचकर शिकायत दी थी कि नरेश पांडे ने शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 19/2026 के तहत बीएनएस की धारा 351(2)/69 में मामला दर्ज किया। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है और पुलिस विभिन्न साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि भवाली निवासी एक व्यक्ति हथियारबंद लोगों और तथाकथित बाउंसरों को साथ लेकर क्षेत्र में घूम रहा है, जिससे लोगों में डर और दहशत का माहौल बन रहा है। सूचना मिलने के बाद 19 मई को पुलिस ने नरेश पांडे के साथ घूम रहे बाउंसरों और निजी गनरों को कोतवाली भवाली बुलाकर पूछताछ की।
जांच के दौरान सामने आया कि लखविंदर सिंह द्वारा अपनी सुरक्षा के लिए लिए गए लाइसेंसी हथियार का इस्तेमाल नरेश पांडे को सुरक्षा देने में किया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक हथियार के साथ क्षेत्र में घूमकर लोगों में भय का माहौल बनाया जा रहा था।
लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन पाए जाने पर पुलिस ने लखविंदर सिंह के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत मुकदमा दर्ज कर हथियार जब्त कर लिया है। साथ ही शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजने की तैयारी की जा रही है।
इसके अलावा दो बाउंसरों विशेष नाग और मधुसूदन सिंह के खिलाफ भी बीएनएसएस की धारा 172 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने सभी बाउंसरों को राउंडअप कर सख्त पूछताछ की। जांच में यह भी पाया गया कि आर्म्स एक्ट और लाइसेंस नियमों का उल्लंघन करते हुए हथियारों के जरिए क्षेत्र में डर का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही थी।
मंजूनाथ टीसी ने साफ निर्देश दिए हैं कि जनपद में अवैध रूप से बाउंसरों, गुंडा तत्वों और हथियारबंद लोगों को साथ लेकर घूमने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन प्रहार के तहत ऐसे लोगों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
