हरिद्वार: पिरान कलियर की रहने वाली सोनम से जुड़े संदिग्ध ट्रांजेक्शन नेटवर्क की जांच लगातार गहराती जा रही है। जांच एजेंसियां अब इस मामले में उमर, आदिल और हबीब नाम के व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। इनके बैंकिंग कनेक्शन, डिजिटल गतिविधियों और लोकेशन हिस्ट्री को खंगाला जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार जांच में सामने आया है कि वर्ष 2024 में सोनम की सहेली पूजा ने कथित तौर पर उसकी पहचान उमर नामक व्यक्ति से कराई थी। शुरुआत में दोनों के बीच केवल व्हाट्सएप कॉल के जरिए बातचीत होती थी। बाद में उमर ने सोनम का संपर्क आदिल और हबीब से कराया, जिसके बाद बैंक खातों के जरिए लेनदेन का सिलसिला शुरू हुआ।
जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि सोनम के पास एक लैपटॉप था, जिस पर वह अक्सर काम करती थी। एजेंसियों को आशंका है कि डिजिटल माध्यम से होने वाले ट्रांजेक्शन और उनसे जुड़े रिकॉर्ड इसी डिवाइस के जरिए संचालित किए जाते होंगे। फिलहाल लैपटॉप, मोबाइल फोन और ऑनलाइन चैटिंग का डेटा खंगाला जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, खाते में रकम पहुंचने के बाद सोनम को व्हाट्सएप कॉल या मैसेज के जरिए सूचना दी जाती थी। इसके बाद रकम को विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था। कई मामलों में यूपीआई के जरिए भी लेनदेन किए जाने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि रकम को कई स्तरों पर भेजकर उसके मूल स्रोत को छिपाने का प्रयास किया जाता था।
मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू सोनम और उसके परिवार की कथित आर्थिक स्थिति में आए बदलाव को माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि परिवार के कुछ सदस्य महंगी खरीदारी की बातें कर रहे थे। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं।
बताया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर के कठुआ निवासी राहुल खान और उसकी पत्नी सपना की गिरफ्तारी के बाद सोनम का नाम जांच के दायरे में आया। कथित तौर पर व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से हुए संवाद के आधार पर जांच आगे बढ़ी और बाद में संयुक्त टीम ने सोनम से पूछताछ की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर के अनुसार, मामले की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है। जांच पूरी होने और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही पूरे नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक खातों और संपर्कों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई हैं।
