रुद्रपुर/हल्द्वानी। हल्द्वानी के बिठौरिया निवासी एक सेवानिवृत्त क्लर्क साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने बीमा पॉलिसी का प्रीमियम और बोनस वापस दिलाने का झांसा देकर उनसे करीब 72.33 लाख रुपये अलग-अलग किस्तों में ठग लिए। मामला सामने आने के बाद पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वह हल्द्वानी के एक प्रतिष्ठित स्कूल से सेवानिवृत्त क्लर्क हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने अपने और परिवार के सदस्यों के नाम पर विभिन्न बीमा कंपनियों की पांच पॉलिसियां खरीदी थीं। पहली किस्त के रूप में करीब 80 हजार रुपये जमा किए, लेकिन बाद की किस्तें जमा नहीं कर सके।
इसके बाद जुलाई 2025 से उनके मोबाइल पर अलग-अलग नंबरों से कॉल आने लगी। 14 जुलाई 2025 को एक व्यक्ति ने खुद को एनपीसीआई का असिस्टेंट मैनेजर एवं फंड ट्रांसफर मैनेजर बताते हुए दावा किया कि उनकी सभी पॉलिसियों का पहला प्रीमियम बोनस सहित करीब एक करोड़ रुपये बनता है, जिसे वापस दिलाया जा सकता है। भरोसा जीतने के लिए उसने आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो व्हाट्सएप पर मंगवा लिए।
दस्तावेज मिलने के बाद ठगों ने प्रोसेसिंग फीस, कैपिटल गेन टैक्स, जीएसटी, आरबीआई प्रोसेसिंग चार्ज, चालान और अन्य शुल्क के नाम पर लगातार रकम जमा कराने को कहा। पीड़ित उनकी बातों में आ गया और 14 जुलाई 2025 से 6 मई 2026 के बीच बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक और एक्सिस बैंक के खातों से 84 ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 72 लाख 33 हजार 600 रुपये आरोपियों के बताए खातों में भेज दिए।
जब लंबे समय तक पैसे वापस नहीं मिले और जिन मोबाइल नंबरों से कॉल आ रही थी वे सभी बंद हो गए, तब पीड़ित को अपने साथ साइबर ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर थाना पुलिस से शिकायत की और लेन-देन से जुड़े बैंक खातों व सभी 84 ट्रांजेक्शन का विवरण भी उपलब्ध कराया।
साइबर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ट्रांजेक्शन की जांच कर साइबर ठगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर रिफंड, बोनस या निवेश के नाम पर पैसे ट्रांसफर न करें और ऐसे मामलों में तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस से संपर्क करें।
