हल्द्वानी: पनियाली क्षेत्र में बाघ का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार सुबह जंगल में घास लेने गई 55 वर्षीय कमला फर्त्याल उर्फ कमला देवी को बाघ ने अपना शिकार बना लिया। दोपहर तक घर नहीं लौटने पर पड़ोसियों ने खोजबीन शुरू की तो घटनास्थल के पास उनका मंगलसूत्र, चप्पल और अन्य सामान मिला। इसके बाद ग्रामीण जंगल में अंदर तक गए, जहां कुछ दूरी पर महिला का शव बरामद हुआ।
घटना से गुस्साए ग्रामीण शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करने लगे और प्रशासन से पूछा कि आखिर ऐसी घटनाओं पर कब तक लगाम लगेगी। इससे पहले 12 फरवरी को इसी इलाके के पीपल पोखरा नंबर-1 में गंगा देवी की भी बाघ के हमले में मौत हो चुकी है। लगातार दूसरी घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार, वन विभाग और पुलिस टीम ने स्थिति संभाली। मृतका की बेटी भावना बिष्ट भी घटनास्थल पर पहुंच गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी नैनीताल ने रामनगर के प्रभागीय वनाधिकारी को तत्काल व्यापक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
आदमखोर वन्यजीव की ट्रैकिंग के लिए ट्रैप कैमरा, ड्रोन और थर्मल इमेजिंग का सहारा लिया जाएगा। विशेषज्ञों की मौजूदगी में ट्रेंकुलाइज या कैप्चर अभियान चलाने और जरूरत पड़ने पर शूटर की तैनाती के लिए उच्च स्तर से अनुमति लेने को कहा गया है।
ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वन क्षेत्रों से सटे गांवों में दिन-रात गश्त, क्यूआरटी तैनाती, महिलाओं और स्कूली बच्चों के लिए एस्कॉर्ट व्यवस्था, मुनादी के जरिए अलर्ट और रात में अनावश्यक आवाजाही पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही राजस्व, पुलिस और वन विभाग का संयुक्त कंट्रोल रूम स्थापित कर रोजाना प्रगति रिपोर्ट देने को कहा गया है।
डीएम ने पहली घटना के बाद की कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए साफ किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय होगी। मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत राशि देने और दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग व चेतावनी तंत्र विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
