IMA POP PRIYANSHU RAWAT
देहरादून: भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) की ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड में देश को 481 नए सैन्य अधिकारी मिले हैं। इनमें उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल निवासी प्रियांशु रावत का नाम भी शामिल है। सेना की वर्दी पहनकर अधिकारी बनने का उनका सपना अब हकीकत में बदल गया है।
IMA से पास आउट होने के बाद प्रियांशु रावत ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को दिया। उन्होंने कहा कि आईएमए केवल सैन्य प्रशिक्षण का संस्थान नहीं, बल्कि जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना करना भी सिखाता है। यहां का प्रशिक्षण उन्हें देश सेवा के लिए पूरी तरह तैयार कर चुका है।
प्रियांशु रावत की सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत और अनुशासन छिपा है। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई चौरास के रेनबो स्कूल से की, जबकि छठी से बारहवीं तक की शिक्षा सैनिक स्कूल घोड़ाखाल, नैनीताल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की परीक्षा में 241वीं रैंक हासिल कर सेना में अधिकारी बनने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया।
प्रियांशु वर्ष 2020 में गणतंत्र दिवस परेड के दौरान एनसीसी दल का नेतृत्व भी कर चुके हैं। खेल, थिएटर और अन्य गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी ने उनके व्यक्तित्व को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फुटबॉल उनका पसंदीदा खेल रहा है।
बेटे को सेना का अधिकारी बनता देख पिता दिलबर सिंह रावत भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि पहाड़ के हर परिवार का सपना होता है कि उनका बेटा देश की सेवा करे और आज उनका सपना पूरा हो गया है। उन्होंने बताया कि प्रियांशु बचपन से ही अनुशासित, मेहनती और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे हैं।
प्रियांशु की उपलब्धि से टिहरी गढ़वाल के चौरास क्षेत्र और उनके पैतृक गांव थाती बड़मा में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की और इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया।
देश सेवा के संकल्प के साथ सेना में अधिकारी बने प्रियांशु रावत आज उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गए हैं।
