भगत सिंह कोश्यारी को मिला पद्म भूषण
नई दिल्ली/देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ‘पद्मभूषण’ से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
शिक्षा, सामाजिक जीवन, पत्रकारिता और सार्वजनिक सेवा में लंबे समय तक दिए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए 83 वर्षीय भगत सिंह कोश्यारी को यह सम्मान मिला है। उत्तराखंड में प्रेम और सम्मान से ‘भगत दा’के नाम से पहचाने जाने वाले कोश्यारी की पहचान सादगी, अनुशासन और जनसेवा से जुड़ी रही है।
गांव की पगडंडी से राजभवन तक का सफर
बागेश्वर के दूरस्थ गांव से निकलकर भगत दा ने अपने संघर्ष और समर्पण के दम पर राजनीति में अलग पहचान बनाई। शिक्षक, पत्रकार, समाजसेवी और जननेता के रूप में उन्होंने उत्तराखंड राज्य आंदोलन से लेकर सीमांत क्षेत्रों के विकास तक अहम भूमिका निभाई।
सीमांत इलाकों में शिक्षा की अलख जगाने, स्कूलों की स्थापना कराने और संसद में उत्तराखंड के मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।
“हर उत्तराखंडी के लिए गर्व का क्षण”
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा “आपकी सादगी, समर्पण और राष्ट्रहित में योगदान हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। आपने संघर्ष, परिश्रम और लोकसेवा से विशिष्ट पहचान बनाई है।”
वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि यह सम्मान केवल भगत दा या भाजपा का नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि राजनीति से दूरी के बाद भी भगत दा समाजसेवा और अंत्योदय के कार्यों में लगातार सक्रिय हैं।
