देहरादून: उत्तराखंड में जनवरी से मार्च 2026 के दौरान बिजली खरीद पर आई अतिरिक्त लागत की पूरी वसूली नहीं हो सकी है। इस अवधि में बिजली खरीद पर 342.95 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत आई, जबकि बिजली खरीद लागत समायोजन के माध्यम से तीन महीनों में 323.98 करोड़ रुपये ही वसूल किए जा सके। इस तरह 18.97 करोड़ रुपये की राशि की वसूली बाकी रह गई है।
उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) ने अब इस शेष राशि को बिजली उपभोक्ताओं के आगामी बिलों में समायोजित करने की अनुमति उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) को दी है।
यूईआरसी के निर्देश के अनुसार, 18.97 करोड़ रुपये की कम वसूली को सितंबर की बिजली खपत के आधार पर अक्टूबर में जारी होने वाले बिलों में समायोजित किया जाएगा।
इसका मतलब है कि उपभोक्ताओं के अक्टूबर में आने वाले बिजली बिल में बिजली खरीद लागत समायोजन के तहत अतिरिक्त राशि शामिल हो सकती है। वास्तविक राशि संबंधित उपभोक्ता की बिजली खपत के आधार पर तय होगी।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 18.97 करोड़ रुपये की राशि की अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित अवधि के ऑडिटेड वाणिज्यिक आंकड़े उपलब्ध होने के बाद ट्रू-अप प्रक्रिया के दौरान इस राशि का अंतिम समायोजन किया जाएगा।
यानी वर्तमान में तय की गई राशि अंतिम नहीं मानी गई है और ऑडिटेड आंकड़ों के आधार पर इसमें बदलाव संभव है।
आयोग ने यूपीसीएल को बिजली लागत समायोजन को लेकर उपभोक्ताओं के लिए पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं। यूपीसीएल को प्रत्येक माह लगाए जाने वाले समायोजन की जानकारी उपभोक्ताओं को पहले से उपलब्ध करानी होगी।
इसके तहत अगले महीने किए जाने वाले समायोजन का विवरण हर महीने की 28 तारीख तक यूपीसीएल की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। इससे उपभोक्ताओं को पहले से पता चल सकेगा कि अगले बिल में बिजली लागत समायोजन के तहत कितना बदलाव होने वाला है।

