नैनीताल: शहर में लगातार हो रही मूसलधार बारिश के बीच भूस्खलन का खतरा बढ़ता जा रहा है। रविवार देर रात बलियानाला के समीप कृष्णापुर की पहाड़ी पर भारी भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा और बोल्डर नीचे बलियानाला में जा गिरे। भूस्खलन की चपेट में सिंचाई विभाग की ओर से बनाया गया अस्थाई स्टोर और मजदूरों के आवास भी आ गए, जिससे दोनों संरचनाओं को नुकसान पहुंचा है।
गनीमत रही कि जिस समय भूस्खलन हुआ, उस दौरान मजदूर आवासों में कोई मौजूद नहीं था। इसके चलते बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना के बाद आसपास के क्षेत्रों में भी खतरा बढ़ गया है।
बताया जा रहा है कि नैनीताल में पिछले करीब एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ियों की मिट्टी कमजोर होने से अलग-अलग क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। रविवार देर रात कृष्णापुर की पहाड़ी पर अचानक भारी मात्रा में मलबा नीचे की ओर आया।
भूस्खलन इतना तेज था कि पहाड़ी के ऊपर बने सिंचाई विभाग के अस्थाई स्टोर और मजदूरों के रहने के लिए बनाए गए आवास भी इसकी चपेट में आ गए। मलबे और बोल्डरों के बलियानाला में गिरने से क्षेत्र में खतरा और बढ़ गया है।
कृष्णापुर की पहाड़ी पर हुए भूस्खलन के बाद नीचे स्थित पार्वती प्रेमा जगाती विद्यालय और बलियानाला में किए जा रहे रोकथाम कार्यों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। पहाड़ी से लगातार मलबा खिसकने की स्थिति में आसपास के क्षेत्रों पर इसका असर पड़ सकता है।
लगातार बारिश के बीच प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए प्रभावित क्षेत्र की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था चुनौती बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर भूस्खलन वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत महसूस की जा रही है।

