देहरादून। भाजपा के राज्यसभा प्रत्याशी दिनेश आर्य का निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है। उनके सामने किसी अन्य प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया है। शुक्रवार को नाम वापसी की समय सीमा पूरी होने के बाद चुनाव आयोग की टीम उनके निर्वाचन की औपचारिक घोषणा करेगी।
दिनेश आर्य के निर्विरोध निर्वाचित होने के साथ ही उत्तराखंड से राज्यसभा पहुंचने वाले प्रतिनिधि के रूप में उनका नाम दर्ज होगा। इसे कुमाऊं क्षेत्र के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भगत सिंह कोश्यारी के बाद करीब 12 साल बाद कुमाऊं से किसी चेहरे के राज्यसभा पहुंचने का रास्ता साफ हुआ है।
दिनेश आर्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पीआरओ रह चुके हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने नैनीताल सीट से भाजपा के टिकट के लिए दावेदारी की थी। हालांकि, पार्टी ने इस सीट से सरिता आर्य को प्रत्याशी बनाया था, जिसके बाद दिनेश आर्य ने इस्तीफा दे दिया था।
बाद में पार्टी स्तर पर मान-मनौव्वल के बाद उन्हें सरकार में जिम्मेदारी दी गई। अब भाजपा ने उन्हें राज्यसभा प्रत्याशी बनाया है और किसी अन्य उम्मीदवार के मैदान में नहीं होने के कारण उनका निर्वाचन निर्विरोध होना तय है।
राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को नाम वापसी की समय सीमा पूरी होने के बाद चुनाव आयोग की टीम दिनेश आर्य के निर्वाचन की घोषणा करेगी। इसके साथ ही उनके राज्यसभा सदस्य बनने की प्रक्रिया का औपचारिक चरण पूरा होगा।
दिनेश आर्य के निर्वाचन को कुमाऊं क्षेत्र के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



