हल्द्वानी: चोरगलिया थाना क्षेत्र में नाबालिग से जबरन बाल विवाह कराने का मामला सामने आया है। बाल विकास विभाग की जांच के दौरान नाबालिग ने बताया कि 22 जून को सीतावनी मंदिर में उसकी जबरन शादी कराई गई थी। शिकायत के बाद मामले में बाल विकास परियोजना अधिकारी की तहरीर पर चोरगलिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
तहरीर के अनुसार, बाल विवाह की जांच के लिए 15 जुलाई को बाल विकास विभाग की टीम नाबालिग के घर पहुंची थी। टीम में सुपरवाइजर, वन स्टाप सेंटर की केंद्र प्रशासक, अधिवक्ता और अन्य कर्मचारी शामिल थे। ग्राम प्रधान की मौजूदगी में नाबालिग के माता-पिता से पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान नाबालिग के माता-पिता ने शुरुआत में केवल सगाई होने की बात बताई। इसके बाद बाल विकास विभाग की टीम ने नाबालिग की काउंसलिंग की। काउंसलिंग के दौरान नाबालिग ने बताया कि उसकी केवल सगाई नहीं हुई थी, बल्कि उसका जबरन विवाह कराया गया था।
नाबालिग के अनुसार, 22 जून को सीतावनी मंदिर में उसके माता-पिता, मंदिर के पंडित और लड़के के बड़े भाई की मौजूदगी में विवाह कराया गया था। शादी के बाद उसे ग्राम बेल बसानी स्थित ससुराल ले जाया गया।
नाबालिग ने बताया कि वह 22 जून से 29 जून तक ससुराल में रही। मामले की जानकारी मिलने के बाद बाल विकास विभाग की ओर से चोरगलिया पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना दी गई। सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम मौके पर पहुंची।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नाबालिग को जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने के लिए सुपुर्द किया गया। समिति के समक्ष पेश करने के बाद नाबालिग को सुरक्षा के दृष्टिगत नारी निकेतन हल्द्वानी में रखा गया है।
नाबालिग ने मामले को लेकर अपना लिखित बयान भी दिया है। बाल विकास विभाग ने उसके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू की।
बाल विकास परियोजना अधिकारी किरनलता जोशी ने 13 अगस्त को चोरगलिया थाने में तहरीर देकर मामले में कार्रवाई की मांग की। तहरीर के साथ नाबालिग का बयान, हाईस्कूल प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज भी पुलिस को उपलब्ध कराए गए हैं।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस और संबंधित विभाग अब विवाह से जुड़े तथ्यों, नाबालिग की उम्र और इस पूरी प्रक्रिया में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रहे हैं।
बाल विकास विभाग की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

