हल्द्वानी: नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में हल्द्वानी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के साथ POCSO एक्ट की धारा 5/6 भी जोड़ दी है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई 2026 को हल्द्वानी क्षेत्र निवासी एक महिला ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि उसकी नाबालिग पुत्री बिना बताए घर से चली गई है। शिकायत के आधार पर कोतवाली हल्द्वानी में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और विवेचना उपनिरीक्षक संजीत राठौर को सौंपी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने नाबालिग की शीघ्र बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल के पर्यवेक्षण तथा कोतवाली प्रभारी विजय सिंह मेहता के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो संदिग्धों की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने विक्रम सिंह (29) निवासी हरिपुरनायक, कुसुमखेड़ा तथा सौरभ बिष्ट (21) निवासी त्रिलोकपुर दानी, गौलापार को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में विक्रम सिंह ने बताया कि वह नाबालिग को बर्फ वाली गली से अपनी कार में बैठाकर अपने स्टूडियो ले गया था। आरोप है कि वहां उसने रात में उसके साथ दुष्कर्म किया और अगले दिन सुबह उसे दोबारा बर्फ वाली गली के पास छोड़ दिया।
इसके बाद नाबालिग डी.के. पार्क पहुंची, जहां उसकी मुलाकात सौरभ बिष्ट से हुई। पुलिस के मुताबिक सौरभ उसे सितारगंज के शक्ति फार्म क्षेत्र में ले गया, जहां उसने भी उसके साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस ने आरोपियों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 65(1), 115(2), 352 बीएनएस के साथ POCSO एक्ट की धारा 5/6 की वृद्धि की है। साथ ही विक्रम सिंह द्वारा इस्तेमाल की गई कार को बरामद कर सीज कर दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
