NEET 2026 पुनर्परीक्षा
देहरादून: देशभर में 21 जून को आयोजित होने जा रही NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उत्तराखंड में भी प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। राज्य के 10 जिलों में बनाए गए 53 परीक्षा केंद्रों पर 21 हजार से अधिक अभ्यर्थी री-नीट परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
देहरादून जिला प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष प्रतिबंध लागू किए हैं। NEET (UG) पुनर्परीक्षा के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 लागू रहेगी। इस अवधि में लाउडस्पीकर, ध्वनि विस्तारक यंत्रों और किसी भी प्रकार के शोर उत्पन्न करने वाले उपकरणों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी।
प्रशासन का कहना है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार का शोर, भीड़भाड़ या अव्यवस्था अभ्यर्थियों की एकाग्रता को प्रभावित कर सकती है। इसी वजह से परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
जारी आदेशों के अनुसार परीक्षा केंद्रों के आसपास हथियार, लाठी, हॉकी स्टिक, तलवार, तेजधार वस्तुएं, विस्फोटक सामग्री या बारूद जैसी चीजें लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही ईंट, पत्थर, डंडे या अन्य ऐसी वस्तुओं को एकत्र करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
जिला प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास नारेबाजी, सार्वजनिक घोषणाएं, लाउडस्पीकर का उपयोग, भड़काऊ भाषण, सांप्रदायिक भावना भड़काने वाले बयान और भ्रामक प्रचार-प्रसार पर भी रोक लगा दी है। सरकारी भवनों और सार्वजनिक संपत्तियों पर नारे लिखने या किसी प्रकार की आपत्तिजनक गतिविधि करने की भी अनुमति नहीं होगी।
आदेश के तहत परीक्षा केंद्रों के निकट पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। बसों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, दोपहिया और चौपहिया वाहनों के जुलूस निकालने पर भी रोक रहेगी। बिना पूर्व अनुमति किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सभा, प्रदर्शन या जुलूस आयोजित नहीं किया जा सकेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं हरिद्वार जिले में भी परीक्षा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देशन में पुलिस ने विस्तृत सुरक्षा योजना तैयार की है। एसपी क्राइम निशा यादव को परीक्षा का नोडल अधिकारी बनाया गया है और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए पुलिस कर्मियों की पुलिस लाइन में विशेष ब्रीफिंग भी की गई। हरिद्वार जिले में कुल 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 8 केंद्र देहात क्षेत्र और 4 केंद्र शहर क्षेत्र में स्थित हैं। सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए पूरे जिले को 5 जोन और 12 सेक्टरों में विभाजित किया गया है।
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की गोपनीयता, सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं, ताकि अभ्यर्थी बिना किसी व्यवधान के परीक्षा दे सकें।
