खटीमा के शारदा घाट पर एक साथ जलीं चार चिताएं.
खटीमा के शारदा घाट पर एक साथ जलीं चार चिताएं.
नैनीताल/खटीमा: खटीमा के अमाऊं गांव में उस समय मातम पसर गया, जब भवाली-सेनिटोरियम बाइपास हादसे में जान गंवाने वाले एक ही परिवार के चार लोगों के शव घर पहुंचे। हर तरफ चीख-पुकार और रोते-बिलखते परिजनों का दर्द दिखाई दिया।
हादसे में जान गंवाने वाले भूपेंद्र सिंह चुफाल लखनऊ की एक मल्टीनेशनल कंपनी में मैनेजर पद पर कार्यरत थे। गुरुवार को वे अपनी पत्नी सीमा, बेटे वासु और बेटी साक्षी के साथ भवाली क्षेत्र में स्थित अपने साले की कैंप साइट जा रहे थे। इसी दौरान भवालीगांव-सेनिटोरियम बाइपास पर उनकी कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी।
इस दर्दनाक हादसे में भूपेंद्र चुफाल, उनकी पत्नी और दोनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। देर रात जब चारों शव अमाऊं गांव स्थित घर पहुंचे तो पूरे इलाके में कोहराम मच गया।
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मृतक की मां तुलसी देवी, बहनें कमला और उमा समेत परिवार के अन्य सदस्य शवों से लिपटकर बिलखते रहे। घर में मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं और माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।
शुक्रवार सुबह चारों शवों को अंतिम संस्कार के लिए बनबसा के शारदा घाट ले जाया गया। घाट पर एक साथ चार चिताएं जलती देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। अंतिम संस्कार के दौरान पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना रहा।
चारों को मुखाग्नि भूपेंद्र के बहनोई वीरेंद्र सिंह रौतेला और सुनील सिंह ने दी। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है और लोग परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
