उत्तरकाशी । दयारा बुग्याल ट्रेक से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता रामनगर की बबीता पांडे की खोजबीन के लिए गोई झील को भी खाली कर तलाश लिया गया मगर अब भी कोई सुराग हाथ नही लग सका। बीते दिनों आपदा प्रबंधन विभाग की क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) ने दो वाटर पंपों की मदद से झील को खाली करने का काम शुरू किया।
पिछले चार दिनों से पुलिस, एसडीआरएफ व आपदा प्रबंधन विभाग की क्यूआरटी टीम नए सिरे से लापता बबीता की तलाश जारी रखे हुए हैं। लेकिन, कोई सफलता नहीं मिल पा रही हैं।
गौरतलब हो कि बीते 29 मई की मध्य रात्रि को रामनगर नैनीताल निवासी बबीता पांडे रहस्यमय ढंग से लापता हो गई थी। उसकी अंतिम लोकेशन दयारा बुग्याल के बेस कैंप गोई से करीब 200 मीटर नीचे मिली थी। बबीता के लापता होने की सूचना पर जिला, पुलिस, आपदा प्रबंधन, एसडीआरएफ व वन विभाग ने सर्च आपरेशन शुरू किया था।
सर्च आपरेशन 10 से 13 दिनों तक चला, जिसमें सेना, आइटीबीपी के जवानों की भी मदद ली गई। वहीं हवाई सर्वेक्षण भी किया गैस था मगर, बबीता का कहीं कुछ पता नहीं चल पाया। इस के साथ पुलिस बबीता की तलाश को सर्विलांस, सीसीटीवी व मोबाइल लोकेशन पर फोकस किया गया।
जानकारी अनुसार बीते 22 जून को पुलिस ने एसडीआरएफ व आपदा प्रबंधन विभाग के क्यूआरटी दस्ते के बाद लापता बबीता की खोजबीन को नए सिरे से पड़ताल शुरू की। इस बीच बीते बुधवार को गोई झील में बबीता का मोबाइल या अन्य कोई सामान मिलने के सम्भवाना को देखते हुए झील खाली करवाई गई। लेकिन कुछ भी झील से नहीं मिला। साथ हीं पूर्व में प्रशासन ने गोताखोर की मदद से भी इस झील को खंगाला था। और अब भी बबीता को तलाश को सर्च आपरेशन जारी है।
सर्च ऑपरेशन टीम को अब आशंका है की भालुओ की गुफा में कुछ मिल सकता है जिसके लिए अब भालुओं की गुफाओं की भी खोजबीन की जा रही है।
बबिता के परिजनों की चिंता अब बढ़ती जा रही है, प्रशासन अपनी पूरी ताकत से बबिता की खोजबीन कर रहा है लेकिन उसका कोई भी पता नही चल पा रहा। घबराए परेशान परिजनों ने अब निर्णय लिया है कि वे अब बागेश्वर धाम श्री धीरेंद्र शास्त्री के पास अर्जी लेकर जा रहे।
बबीता की तलाश को ना केवल दयारा बुग्याल क्षेत्र तक ही सीमित नहीं रखा गया है। पुलिस की एक टीम ऋषिकेश, हरिद्वार व देहरादून आदि मैदानी क्षेत्रों की ओर भी रवाना किया गया है। पुलिस बबीता की तलाश को हर संभव प्रयास कर रही है।
