रामनगर: नैनीताल जिले के रामनगर वन प्रभाग के कुनखेत क्षेत्र में रविवार सुबह बाघ के हमले से हड़कंप मच गया। जंगल से सटे इलाके में घास काट रही 65 वर्षीय महिला पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। गनीमत रही कि उसके साथ मौजूद बहू ने शोर मचाकर किसी तरह बाघ को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया, जिससे महिला की जान बच गई।
जानकारी के अनुसार, घटना कोसी रेंज के अंतर्गत कुनखेत क्षेत्र की है। रविवार सुबह करीब नौ बजे बसंती देवी (65) पत्नी बाली राम अपनी बहू के साथ बैली रिजॉर्ट के पास घास काटने गई थीं। इसी दौरान झाड़ियों से अचानक बाघ निकलकर आया और बसंती देवी पर हमला कर दिया।
हमले में महिला के सिर और माथे पर गंभीर चोटें आईं। महिला की चीख-पुकार सुनकर उसकी बहू ने शोर मचाया और आसपास के लोगों को बुलाया। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल महिला को सुरक्षित निकालकर तत्काल रामदत्त जोशी राजकीय संयुक्त चिकित्सालय रामनगर पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। वन क्षेत्राधिकारी कृष्ण सिंह मेहरा ने बताया कि महिला अपनी बहू के साथ घास काट रही थी, तभी बाघ ने हमला कर दिया। क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप लगाने सहित आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
पूर्व ग्राम प्रधान हेमचंद्र ने बताया कि जिस स्थान पर हमला हुआ, वह गांव और होटल की बाउंड्री से सटा क्षेत्र है तथा उसके आगे जंगल शुरू हो जाता है। उन्होंने बताया कि एम्बुलेंस के लिए भी काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने और लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
घटना के बाद कुनखेत क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को अब अपने साथ-साथ मवेशियों की सुरक्षा की भी चिंता सताने लगी है। ऐसे में वन विभाग के सामने बाघ की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने और आबादी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की चुनौती खड़ी हो गई है
