नैनीताल: जिला में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष और आदमखोर बाघ की सक्रियता की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई गांवों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र अस्थायी रूप से बंद करने के आदेश जारी किए हैं।
प्रशासन के अनुसार, भीमताल ब्लॉक के ज्योली और भदयूनी गांवों में हाल के दिनों में वन्यजीवों की गतिविधियां बढ़ी हैं। इसके अलावा दोगड़ा, डोलमार, सूर्याजाला, मोरा, ज्योलीकोट, सूर्यागांव, गांजा, रानीबाग, आलूखेत, बल्यूटी, हैडी, सोनगोठ, काठगोदाम, बेल और नाईसेला जैसे आसपास के क्षेत्रों में भी खतरे की आशंका जताई गई है।
इन इलाकों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंचने के लिए बच्चों को सुनसान रास्तों, पगडंडियों और जंगलों से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने 25 अप्रैल और 27 अप्रैल 2026 को कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है।
यह आदेश बच्चों, शिक्षकों और कर्मचारियों सभी पर लागू होगा। हालांकि जनगणना कार्य में लगे अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि इस आदेश की जानकारी समय पर अभिभावकों तक पहुंचाई जाए और इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही वन विभाग, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों के साथ समन्वय बनाकर स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन ने साफ किया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और हालात सामान्य होने तक ऐसे एहतियाती कदम जारी रहेंगे।

