प्रतीकात्मक फोटो
पिथौरागढ़: सीमांत जिले पिथौरागढ़ के धारचूला विकासखंड स्थित जम्कू गांव में जंगली मशरूम खाने से एक ही परिवार के पांच लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) धारचूला ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल पिथौरागढ़ रेफर कर दिया गया। फिलहाल पांचों का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, जम्कू गांव निवासी विमला देवी का 15 वर्षीय बेटा जंगल से मशरूम तोड़कर घर लाया था। घर में उसकी सब्जी बनाई गई और परिवार के सदस्यों ने भोजन किया। इसी दौरान पांगू गांव से आई विमला देवी की बहन भी घर पर मौजूद थी। इसके अलावा आठ वर्षीय भतीजे और 14 वर्षीय भतीजी ने भी वही सब्जी खाई।
भोजन करने के कुछ ही देर बाद पांचों की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें तेज पेट दर्द और अन्य दिक्कतें होने लगीं। परिजन और ग्रामीण सभी को तुरंत सीएचसी धारचूला लेकर पहुंचे। वहां से हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल पिथौरागढ़ रेफर कर दिया गया।
जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी.पी. सिंह ने बताया कि जंगली मशरूम खाने से बीमार हुए सभी पांच मरीजों का इलाज किया जा रहा है। उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल देखने से यह पहचानना संभव नहीं है कि कोई जंगली मशरूम खाने योग्य है या जहरीला। कई जहरीले मशरूम देखने में सामान्य मशरूम जैसे ही होते हैं। ऐसे में बरसात के मौसम में जंगल या खेतों से लाए गए मशरूम का सेवन करने से बचना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।
