नैनीताल/ हल्द्वानी। हल्द्वानी में छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर फायर विभाग , प्रशासन और जिला विकास प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने शहर के कई कोचिंग सेंटरों का औचक निरीक्षण किया। इस जांच में पाया गया कि कई संस्थान अग्नि सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी कर रहे थे। जिस पर सात बड़े चोकिंग सेंटर को सील कर दिया गया है। इसके अलावा एक संस्थान की निर्धारित समय के अंदर सुरक्षा मानक पूरा करने के निर्देश दिए गया है।
गौरतलब है बीते दिनों लखनऊ के कोचिंग सेंटर में बड़ा अग्निकांड हो गया था। जिसके बाद राज्य में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में हल्द्वानी में विशेष अभियान चलाकर यह जांच की गई कि छात्रों की सुरक्षा के लिए जरूरी व्यवस्थाएं ठीक है या नहीं।
निरीक्षण अभियान का नेतृत्व सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी, एसडीएम मोनिका आर्या, जिला विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष कुमार और फायर विभाग की टीम ने किया। टीम ने शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में भवन की सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म सिस्टम और फायर विभाग की एनओसी सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की गहन जांच की। अचानक हुई इस कार्रवाई से कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया।
जांच के दौरान कई संस्थानों में फायर एनओसी नहीं मिली, जबकि कुछ जगहों पर अग्निशमन उपकरण या आपातकालीन निकासी की व्यवस्था मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। सुरक्षा से जुड़ी इन गंभीर कमियों को देखते हुए प्रशासन ने सात संस्थानों को सील करने की कार्रवाई की। इसके अलावा एक अन्य कोचिंग संस्थान को सभी जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए समय सीमा तय करते हुए निर्देश जारी किए गए।
अधिकारियों ने साफ कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिन संस्थानों में बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई करते हैं, वहां सभी सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी और विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष कुमार ने बताया कि यह अभियान आगे भी लगातार चलता रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर छात्र सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर सके।
