बरामद पांच करोड़ की ज्वेलरी
रुद्रपुर: हैदराबाद में एक बड़े कारोबारी के घर हुई करोड़ों रुपये की ज्वेलरी चोरी का सनसनीखेज खुलासा करते हुए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी चोरी की ज्वेलरी लेकर नेपाल भागने की फिराक में थे, लेकिन यूपी-उत्तराखंड सीमा पर पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।
जानकारी के अनुसार तेलंगाना के साइबराबाद क्षेत्र में एक कारोबारी के घर से करोड़ों रुपये के सोने और हीरे के आभूषण चोरी हो गए थे। मामले की जांच कर रही तेलंगाना पुलिस को सूचना मिली कि चोरी में शामिल नेपाली मूल के आरोपी दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड होते हुए नेपाल भागने की योजना बना रहे हैं।
इस सूचना पर साइबराबाद पुलिस कमिश्नर ने उधम सिंह नगर के एसएसपी अजय गणपति से संपर्क किया। सूचना मिलते ही उत्तराखंड पुलिस और एसओजी की टीम सक्रिय हो गई। रुद्रपुर-बिलासपुर बॉर्डर पर देर रात सघन चेकिंग अभियान चलाया गया और उत्तर प्रदेश पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया।
संयुक्त अभियान के दौरान बिलासपुर क्षेत्र में एक रोडवेज बस को रोककर तलाशी ली गई। बस में सवार दो महिलाओं और एक युवक को संदिग्ध पाए जाने पर हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से चोरी किए गए करोड़ों रुपये मूल्य के सोने और हीरे के आभूषण बरामद हुए।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी नेपाल मूल के हैं। बताया जा रहा है कि हैदराबाद के कारोबारी ने कुछ समय पहले एक नेपाली दंपति को घरेलू कामकाज के लिए रखा था। परिवार के बाहर रहने के दौरान घर से बड़ी मात्रा में ज्वेलरी गायब हो गई थी। शिकायत के बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार मामला 20 करोड़ रुपए से ऊपर का है. इसमें 8 किलो सोना और कुछ हीरे की अंगूठियां भी हैं. इसकी अनुमानित कीमत 20 करोड़ रुपए से ऊपर की है. बरामद माल की कीमत को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं, जिसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद की जाएगी।
एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि तेलंगाना पुलिस से मिली सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि चोरी की वारदात में और कौन-कौन शामिल था।
पुलिस का मानना है कि यदि आरोपी नेपाल सीमा पार करने में सफल हो जाते तो उनकी गिरफ्तारी और चोरी की ज्वेलरी की बरामदगी काफी चुनौतीपूर्ण हो सकती थी। समय पर मिले इनपुट और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के चलते करोड़ों रुपये की चोरी का मामला सुलझाने में बड़ी सफलता मिली है।


