रामनगर/ उत्तराकाशी: दयारा बुग्याल से लापता हुई बबिता का अब तक भी कोई पता नही चल पाया है। लगातार 10 दिनों तक चले सर्च अभियान के बाद भी कोई सफलता नहीं मिलने पर परिजन भारी मन से रामनगर वापस लौट आये है। थके हारे परिजनों ने अब मामले की सी बी आई जांच की मांग रखी है।
मंगलवार को बबिता की माँ अंजू पांडे और भाई हर्षित पांडे ने कहा कि उत्तरकाशी प्रसाशन पुलिस और बचाव दल लगातार कार्य कर रहे है। लेकिन बबिता का अब तक कोई पता ना चल पा रहा। उनका कहना है कि यह अपहरण भी हो सकता है ।
परिजनों के अनुसार पुलिस अब इस मामले की जांच अपहरण समेत अन्य पहलुओ से जांच कर रही है। और इसी सिलसिले में उन्हें दोबारा उत्तरकाशी बुलाया गया है।
परिवार ने बताया कि बबिता पहले कभी दयारा बुग्याल में नहीं गयी थी लेकिन वह हर्षिल क्षेत्र में ट्रेक कर चुकी है। जानकारी के मुताबिक 29 मई की रात को बबिता ने गोई कैंप में रात साढे नौ बजे भोजन पैक करवाया था और वह कैम्प के बाहर बैठकर गाने सुन रही थी।
बताया गया की कैंप में उस रात कई अन्य लोग भी रुके हुए थे । अगली सुबह जब बबिता के साथियों ने उसे फोन किया तो उसका फोन बंद आया और हैरानी की बात यह रही की उसका सारा समान कैम्प में ही था मगर बबिता वहाँ नही थी।
अब परिवार का कहना है कि आखिर उस रात बबिता कहा गयी और उसके साथ क्या हुआ इसकी गहनता से जांच होनी चाहिए। ताकि सच सामने आ सके।
