प्रतीकात्मक तस्वीर.
हल्द्वानी: जैसलमेर से छुट्टी लेकर अपने घर रुड़की लौट रहे बीएसएफ के एक हेड कांस्टेबल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के जनरल कोच में अचेत अवस्था में मिले थे। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी जान नहीं बच सकी। पुलिस को आशंका है कि वह सफर के दौरान जहरखुरानी गिरोह का शिकार हुए हो सकते हैं।
पुलिस के अनुसार, हरिद्वार जिले के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र स्थित राजविहार कॉलोनी निवासी 53 वर्षीय सत्यपाल सिंह, पुत्र नेतराम, बीएसएफ की 20वीं बटालियन में जैसलमेर में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। वह छुट्टी लेकर अपने घर रुड़की लौट रहे थे।
बताया गया कि रविवार को उन्होंने जोधपुर से अपने बेटे को फोन कर ट्रेन से रवाना होने की जानकारी दी थी। इसके बाद यात्रा के दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा नशीला पदार्थ दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। जब ट्रेन काठगोदाम रेलवे स्टेशन पहुंची तो जीआरपी कर्मियों को वह जनरल डिब्बे में अचेत अवस्था में मिले।
जीआरपी ने 108 एम्बुलेंस की मदद से उन्हें तत्काल सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों के अनुसार जहरीले पदार्थ का असर अधिक होने और समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक का मोबाइल फोन, पर्स, सामान और अन्य जरूरी दस्तावेज गायब थे। हालांकि, उनके शरीर पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं।
घटना की सूचना बीएसएफ अधिकारियों और परिजनों को दे दी गई। मंगलवार को परिजन हल्द्वानी पहुंचे, जिसके बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर शव उन्हें सौंप दिया गया।
काठगोदाम जीआरपी के इंस्पेक्टर कमल कोरंगा ने बताया कि मामले की जांच जहरखुरानी समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।
