उत्तराखंड हाईकोर्ट
नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एक युवती से कथित यौन शोषण और धमकी देने के मामले में आरोपी भवाली व्यापार मंडल के अध्यक्ष नरेश पांडे की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई निर्धारित की है। साथ ही याचिकाकर्ता को राज्य सरकार की ओर से दाखिल शपथपत्र का जवाब एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान नरेश पांडे की ओर से दलील दी गई कि पुलिस ने अब तक युवती के दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत बयान दर्ज नहीं किए हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री पोर्टल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से भी शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि उनके मुवक्किल के साथ ऐसी कोई घटना नहीं हुई और उनकी छवि खराब करने वालों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया है।
वहीं, राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि इससे पहले भी समझौते से संबंधित प्रार्थना पत्र और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका न्यायालय खारिज कर चुका है। सरकार ने कहा कि मामले की जांच जारी है और अब तक की जांच रिपोर्ट शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट में प्रस्तुत कर दी गई है।
अग्रिम जमानत याचिका में नरेश पांडे की ओर से कहा गया है कि मल्लीताल कोतवाली में दर्ज मुकदमे के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है, इसलिए उन्हें अग्रिम जमानत दी जाए। हालांकि, केस डायरी के अनुसार युवती ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने व्हाट्सएप चैट के जरिए उसे धमकियां दी थीं, जिससे वह मानसिक दबाव में थी। जांच अधिकारी की रिपोर्ट, ऑडियो-वीडियो साक्ष्य और व्हाट्सएप चैट सहित अन्य दस्तावेजों के आधार पर पूर्व में हाईकोर्ट इस मामले को गंभीर मानते हुए समझौते (कम्पाउंडिंग) की याचिका खारिज कर चुका है।
मामले के अनुसार, नरेश पांडे पर आरोप है कि उन्होंने एक छात्रा को शादी का झांसा देकर करीब साढ़े तीन वर्ष तक उसका यौन शोषण किया। बाद में शादी से इनकार करने पर युवती ने मल्लीताल कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद उसने शिकायत वापस लेने के लिए भी आवेदन दिया।
बाद में युवती ने तल्लीताल थाने में भवाली के तीन युवकों—आयुष आर्य, भावेश नेगी और प्रशांत जोशी—के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया। युवती का आरोप है कि इन तीनों ने उसके निजी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर नरेश पांडे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए दबाव बनाया था। उसने यह भी आरोप लगाया कि वीडियो वायरल किए जाने से समाज में उसकी छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा।
